बीमारी के कारण छुट्टी लेने के लिए प्रार्थना पत्र

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बीमारी के कारण छुट्टी लेने के लिए प्रार्थना पत्र
बीमारी के कारण छुट्टी लेने के लिए प्रार्थना पत्र

बीमारी के कारण छुट्टी लेने के लिए प्रार्थना पत्र– आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको बीमारी के कारण छुट्टी लेने के लिए प्रार्थना पत्र के बारे में विस्तार से बताएंगे।इससे पहले आर्टिकल में आप लिपि की परिभाषा एवं महत्व के बारे में विस्तार से पढ़ चुके हैं।

बीमारी की  छुट्टी लेने के लिए प्रार्थना पत्र-

जैसे कि आप सभी जानते ही हैं कि हमारा यह शरीर एक मशीन की भांति कार्य करता है। जिस प्रकार मशीन में कभी भी तकनीकी खराबी आ सकती है और उसे कुछ देर के लिए बंद करना पड़ता है। उसकी खराबी को दूर करने के लिए मैकेनिक को बुलाया जाता है। फिर मकैनिक ही उसको ठीक करता है।

ठीक उसी प्रकार हमारा यह मानव शरीर भी एक मशीन की तरह ही कार्य करता है। कभी-कभी इसमें भी खराबी आ जाती है अर्थात यह भी बीमार हो जाता है। तब उपचार करने के लिए हमें डॉक्टर के पास पड़ता है।

बीमारी की  छुट्टी लेने के लिए प्रार्थना पत्र-

यदि हम विद्यार्थी हैं तो हमें स्कूल से छुट्टी लेनी पड़ती है और अगर हम नौकरी पेशे वाले व्यक्ति हैं तो हमें अपने अधिकारियों को छुट्टी के लिए प्रार्थना पत्र लिखना पड़ता है। यह सर्वविदित है कि छात्रों को विद्यालयों में छुट्टी के लिए प्रार्थना-पत्र लिखनें के बारें में आरम्भ से ही सिखाया जाता है|

हमारे समाज में बहुत से लोग आज भी ऐसे है जिन्हें छुट्टी के लिए प्रार्थना-पत्र लिखना नहीं आता है | वे छुट्टी के लिए प्रार्थना-पत्र लिखने में अपने किसी अन्य साथी की सहायता लेते है | अगर आपको भी  प्रार्थना-पत्र लिखनें के बारें में जानकारी नहीं है, तो आज हम यहाँ  आपको इसके बारें में पूरी जानकारी प्रदान कर रहे है|

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आइए अब हम आपको बीमारी के कारण छुट्टी के लिए प्रार्थना-पत्र कैसे लिखा जाता है? इस बारे में विस्तार से बताते हैं।

छुट्टी लेने के लिए प्रार्थना पत्र लिखनें का फार्मेट इस प्रकार से है-

बीमारी के कारण छुट्टी के लिए प्रार्थना पत्र-

सेवा में

श्रीमान् मुख्याध्यापक जी,

राजकीय प्राथमिक पाठशाला

………………….(विद्यालय का नाम)।

 

विषय- बीमारी के कारण छुट्टी लेने के लिए प्रार्थना-पत्र|

श्रीमान जी,

सविनय निवेदन यह है  कि मैं आपके विद्यालय में कक्षा________ का/ की छात्र/छात्रा हूँ| मुझे पिछले दो दिन से तेज बुखार आ रहा है| इसी कारण से मैं कक्षा में उपस्थित नहीं हो सकता/सकती| इसलिए आप से प्रार्थना है कि आप मुझे एक दिन का अवकाश प्रदान करें| मैं आप का/की  बहुत आभारी रहूँगा/रहूँगी|

आपका/की आज्ञाकारी शिष्य/शिष्या,

नाम___________

कक्षा___________

अनुक्रमांक_______

दिनांक-21 दिसंबर, 2021

बीमारी की  छुट्टी लेने के लिए प्रार्थना पत्र  

आज हमने आपको बीमारी के कारण छुट्टी के लिए प्रार्थना पत्र लिखने के बारे में बताया है| प्रार्थना पत्र लिखने
के सम्बन्ध में आपको निम्न बातों का ध्यान रखना आवश्यक है-

>1.- ऊपर विद्यालय का नाम में बच्चे केवल अपने ही स्कूल का नाम लिखेंगे|

>2.- नीचे नाम वाले खाने में अपना नाम, कक्षा वाले खाने में अपनी कक्षा तथा अनुक्रमांक वाले खाने में अपना
-अपना अनुक्रमांक लिखेंगे|

जैसा कि आप को पता है कि किसी भी सरकारी या गैर सरकारी संस्था को सही ढंग से चलाने के लिए कुछ
विशेष प्रकार के नियम बनाये जाते है| उस संस्था या संगठन में कार्य करनें वाले प्रत्येक कर्मचारी को उनका
पालन करना आवश्यक होता है|इन नियमों में से एक नियम है -छुट्टी के लिए प्रार्थना-पत्र देना ।

बीमारी की  छुट्टी लेने के लिए प्रार्थना पत्र-  

प्रार्थना-पत्र लिखते समय हमें बहुत ही ध्यान पूर्वक  सही शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि कोई त्रुटि ना हो।

हमारे द्वारा लिखे जाने वाले प्रार्थना पत्र में

प्रत्येक शब्द में अनुशासन के साथ विनम्रता का आभास होना चाहिए|

प्रार्थना पत्र में सही शब्दों का प्रयोग एवं शब्दों में अनुशासन होना हमारी योग्यता को प्रदर्शित करता है।

यह सामने वाले अधिकारी के समक्ष आपकी एक अलग तरह की छवि को प्रकट करता है|

आज हमने आपको इस पोस्ट के माध्यम से  छुट्टी के लिए प्रार्थना-पत्र के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई गई है|

बीमारी की  छुट्टी लेने के लिए प्रार्थना पत्र-  

प्रार्थना पत्र लिखते समय ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें:-

1.प्रार्थना-पत्र लिखनें का सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम उसका फॉर्मेट होता है| इस का यह अभिप्राय
यह है कि पत्र, निर्धारित प्रारूप पर लिखा होना चाहिए ।इसे ही हम प्रार्थना पत्र का फार्मेट कहते हैं|

2.अवकाश के प्रार्थना पत्र में जरुरी जानकारियों का होना बहुत ही आवश्यक है| इसका कारण अवश्य लिखे कि
आप छुट्टी किस लिए ले रहे है,  साथ में ही प्रार्थना-पत्र में छुट्टी की तारीखों के बारे में स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए|

3.पत्र में आपके द्वारा लिखी गयी बात गलत न हो इस बात का विशेष ध्यान रखे, क्योंकि ऐसा न करने पर बाद में
इसकी जानकारी होनें पर आप के व्यक्तित्व पर काफी बुरा प्रभाव पड़ सकता है|

4..आमतौर पर प्रार्थना-पत्र सदा एक सादे कोरे  कागज पर ही लिखा जाता है|  लेकिन यदि आप एक विद्यार्थी है
तो आप अपनी नोट बुक के पेज पर भी लिख सकते है| यदि आप  किसी दफ्तर के अंदर कार्यरत है, तो प्रार्थना
पत्र लिखने के लिए हमेंशा आपको सादे कागज का ही प्रयोग करना चाहिए| प्रार्थना-पत्र देने का सही तरीका यही है|