CTET Notes in Hindi PDF Download

0
160
ctet-mock-test-paper-1
ctet-mock-test-paper-1

CTET Notes in Hindi PDF Download:- साथियों आज SSC GK आपके लिए ctet cdp notes in hindi pdf by himanshi singh , sachin academy ctet notes pdf free download , ctet handwritten notes pdf in hindi , ncert ctet book pdf in hindi लेकर आया है. यदि आप Google पर  स्टेट प्रीवियस ईयर क्वेश्चन पेपर with answer or ctet practice set pdf in hindi को Search कर रहे थे तो आप बिलकुल सही वेबसाइट SSC GK पर है.

CTET Notes in Hindi PDF Download

इस पोस्ट में हम आपको   बाल विकास नोट्स इन हिंदी पीडीऍफ़ डाउनलोडctet free mock test in hindi के बेहतरीन नोट्स उपलब्ध करवा रहे है.

Que.-1.आनंदवर्धन ने रस की परिभाषा दी है – रस का आश्रमय ग्रहण कर काव्य में अर्थ नवीन और सुंदर रूप धारण कर सामने आता है।

Que.-2.काव्य पढ़ने के बाद ह्दय में जो भाव जगते हैं उसे रस कहते हैं यह परिभाषा दी है – डॉ. दशरथ औझा ने

Que.-3.रस के अंग (अवयव) है – चार, विभाव, अनुभाव, संचारी और स्थाई

Que.-4.विभाव का अर्थ है – कारण। लोक में रति आदि स्थायी भावों की उत्पति के जो कारण होते हैं उन्हें विभाव कहते है।

Que.-5.विभाव के प्रकार है – 1 आलम्बन (विषयालम्बन और आश्रयालम्बन), 2 उद्दीपन (आलम्बन की चेष्टा और प्रकृति तथा वातावरण को उद्दीप्त करने वाली वस्तु)

Que.-6.विषयालम्बन कहते हैं – उन रति आदि भावों का जो आधार है वह आश्रय है।

Que.-7.आश्रयालम्बन कहते हैं – उन रति आदि भावों का जो आधार है वह आश्रय है।

Que.-8.उद्दीपन विभाव कहते हैं – स्थाई भाव को और अधिक उद्प्रबुध्द, उद्दीप्त और उत्तेजित करने वाले कारण को कहते है।

Que.-9.अनुभाव कहते हैं – विभावों के उपरांत जो भाव उत्पन्न होते हैं उन्हें अनुभाव कहते है।

Que.-10.””बतरस लालच लाल की, मुरली धरी लुकाई, सौंह करे, भौंहनि हंसे, दैन कहै नटि जाय”” में अनुभाव है?

– गोपियों की चेष्टाएं, सौंह करे, भौंहनि हंसे आदि अनुभाव है।

CTET Notes in Hindi PDF Download Complete Notes PDF Download

Download CTET Notes in Hindi PDF Download Complete Notes PDF = Click Here

Join CTET Notes in Hindi PDF Download Whatsapp Group = Click Here

Join CTET Notes in Hindi PDF Download Telegram Group = Click Here